चक्रवात अर्नब के कारण बाधित हुई दूरसंचार सेवाओं को आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में बहाल किया जा रहा है। भारी बारिश, अचानक आई बाढ़, गिरे हुए पेड़ों और बिजली आपूर्ति में रुकावट से कनेक्टिविटी प्रभावित हुई। संचार मंत्रालय का कहना है कि दूरसंचार विभाग और दूरसंचार सेवा प्रदाता नेटवर्क की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित इलाकों में जरूरी संचार सेवाएं बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं।
आंध्र प्रदेश में दूरसंचार नेटवर्क की कुल उपलब्धता 99.18% तक पहुंच गई। प्रभावित जिलों में पश्चिम गोदावरी में उपलब्धता 98.5% और डॉ. बी. आर. आंबेडकर कोनसीमा में 91.96% रही। मंत्रालय का कहना है कि बिजली आपूर्ति में रुकावट और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी की समस्याओं से निपटकर बहाली में काफी प्रगति हुई है।
आंध्र प्रदेश के प्रभावित जिलों के उपभोक्ता इंट्रा-सर्किल रोमिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा चालू रही और उन्हें अपने सेवा प्रदाता की परवाह किए बिना किसी उपलब्ध नेटवर्क से जुड़ने देती है। उपयोगकर्ताओं को ऑटोमैटिक नेटवर्क सिलेक्शन चालू रखना चाहिए। अगर उनका फोन अपने-आप नेटवर्क से नहीं जुड़ता है, तो उन्हें मोबाइल नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर किसी अन्य उपलब्ध नेटवर्क को मैन्युअल रूप से चुनना चाहिए।
विज्ञप्ति में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इंट्रा-सर्किल रोमिंग के जरिए कॉल, टेक्स्ट संदेश और मोबाइल डेटा—तीनों सेवाएं उपलब्ध हैं या नहीं। इसमें आंध्र प्रदेश के उन खास जिलों की पहचान भी नहीं की गई है जहां यह सुविधा चालू है। साथ ही, अब भी दूरसंचार सेवा से वंचित लोगों के लिए कोई सार्वजनिक हेल्पलाइन भी नहीं दी गई है।
आंध्र प्रदेश में नेटवर्क के संचालन को प्रभावित करने वाली मुख्य वजहों के रूप में व्यावसायिक बिजली आपूर्ति में रुकावट और कुछ स्थानों पर ऑप्टिकल फाइबर केबल कटने की पहचान की गई। आपातकालीन संचार सेवाओं को मजबूत करने के लिए 11 ‘सेल ऑन व्हील्स’ तैनात किए गए। ओडिशा में गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों के प्रभावित स्थलों पर बहाली का काम जारी था।
विज्ञप्ति में सभी प्रभावित जिलों में सेवाओं की पूरी बहाली की कोई तारीख नहीं दी गई है। यह भी नहीं बताया गया है कि आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कितने दूरसंचार स्थल अब भी सेवा से बाहर हैं। मोबाइल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाली आपदाओं के दौरान दूरसंचार विभाग दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इंट्रा-सर्किल रोमिंग चालू करने का निर्देश देता है।
ये जानकारियां संचार मंत्रालय और इसके प्रकाशक, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय की आधिकारिक विज्ञप्ति से ली गई हैं, जिसे 30 अक्टूबर 2026 को रात 10:17 बजे IST पर जारी किया गया था।
