5 नवंबर 2026 तक 16,517 से अधिक नागरिकों ने मादक पदार्थों के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाली ऑनलाइन क्विज में भाग लिया था। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत 26 अक्टूबर 2026 को यह गतिविधि शुरू की थी।

यह क्विज सभी नागरिकों के लिए खुली है और 26 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक चलेगी। विज्ञप्ति में प्रतिभागियों के लिए न्यूनतम या अधिकतम आयु की शर्त नहीं बताई गई है।

लोग विज्ञप्ति में दिए गए लिंक के जरिए माई भारत पोर्टल पर यह क्विज दे सकते हैं। उस लिंक के लिए इस लेख का स्रोत अनुभाग देखें। क्विज में बहुविकल्पीय 20 सवाल हैं, जिनके जवाब देने के लिए 10 मिनट मिलते हैं। विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि प्रतिभागियों को माई भारत खाता बनाना या इस्तेमाल करना जरूरी है या नहीं।

क्विज सफलतापूर्वक जमा करने वाले हर व्यक्ति को तैयार किया गया भागीदारी प्रमाणपत्र मिलता है और वह क्विज पूरी करने के बाद सही जवाब देख सकता है। विज्ञप्ति में प्रमाणपत्र के अलावा पुरस्कार, रैंकिंग या चयन के किसी मानदंड की जानकारी नहीं दी गई है।

मंत्रालय का कहना है कि इस क्विज का उद्देश्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान की समझ बढ़ाना और नागरिकों, खासकर युवाओं, को नशा-मुक्त भारत बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है। मंत्रालय यह भी कहता है कि इस डिजिटल पहल का मकसद समुदाय की भागीदारी को मजबूत करना, जिम्मेदारी से फैसले लेने को बढ़ावा देना और नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ नागरिकों को एकजुट करना है।

नशा मुक्त भारत अभियान 15 अगस्त 2020 को 272 संवेदनशील जिलों में शुरू हुआ था और बाद में इसका विस्तार भारत के हर जिले तक किया गया। विज्ञप्ति के अनुसार, इसकी कुल पहुंच 35.09 करोड़ से अधिक है; इस कुल संख्या में 13.99 करोड़ युवा और 10.91 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। शिक्षण संस्थानों में 32.43 लाख से अधिक गतिविधियां आयोजित की गई हैं।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग से सहायता पाने वाले 755 से अधिक नशामुक्ति केंद्रों के जरिए 39.91 लाख लोगों को इलाज और पुनर्वास मिला है। अभियान में 45.07 लाख से अधिक नशा मुक्त संकल्प दर्ज किए गए हैं और 2 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र पंजीकृत हुए हैं। विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि पहुंच, इलाज या पुनर्वास के आंकड़ों की गणना या स्वतंत्र पुष्टि कैसे की गई। ये जानकारियां सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति और उसके प्रकाशक, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय से ली गई हैं। विज्ञप्ति 05 नवंबर 2026 को 07:55 PM IST पर जारी की गई थी।